कोरिया जिले में ऐसे शिक्षाकर्मियों की नौकरी खतरे में पड़ गई है, जिन्होंने अस्थाई जाति प्रमाण पत्र जमा कर नौकरी हासिल की थी
कमरुन निशा
कोरिया जिले में ऐसे शिक्षाकर्मियों की नौकरी खतरे में पड़ गई है, जिन्होंने अस्थाई जाति प्रमाण पत्र जमा कर नौकरी हासिल की थी और आज तक स्थाई जाति प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया है इस संबंध में शिकायत कर्ता के द्रारा मुख्य कार्य पालन अधिकारी जिला पंचायत कोरिया बैकुंठपुर को दिनांक 25/04/2020 लिखित शिकायत पत्र प्रस्तुत कर असथाई जाति प्रमाण पत्रों के द्रारा अधिकंश शिक्षाकर्मियों का संविलियन सकूल शिक्षा विभाग में हो चुका है उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाकर सेवा समाप्त कराये जाने हेतु निवेदन किया है जिसके विरुद्ध मे जिला शिक्षा अधिकारी जिला कोरिया बैकुंठपुर के पत्र क्रंमाक/4546 दिनांक 30/6/2020 के माध्यम से सर्व विकास खंड शिक्षा अधिकारीओ सर्व प्राचार्य जिला कोरिया निर्देशित किया जाता है कि आपके आधीनस्थ अस्थाई जाति प्रमाण पत्र के द्रारा नियुक्त शिक्षाकर्मी जिनके द्रारा आज दिनांक तक सथाई जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है जो वर्तमान में व्याख्याता (एल बी) शिक्षक (एल बी)एवं सहायक शिक्षक (एल बी)संवर्ग के पद पर कार्यरत है का प्रपत्र के माध्यम से इस कार्यालय को एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें जिससे अग्रिम कार्यवाही कि जा सके।
अस्थाई जाति प्रमाण पत्र के संबंध में संविलियन के पूर्व में भी कई शिकायतें हुई थी मगर जाच के नाम पर खानापूर्ति कर संविलयन कर दिया गया जबकि जनपद पंचायत खडगवा मे कार्यरत शिक्षाकर्मीओ की नौकरी असथाई जाति प्रमाणपत्र के भरोसे चल रही है और प्रशासन ने आखमूंद कर बकायदा सथाई प्रमाण पत्र के बिना ही संविलियन कर दिया।
जबकि शिक्षाकर्मियों की भर्ती के समय इनके नियुक्ति आदेश मे स्पष्ट उल्लेख है कंडिका 12 मे जिन शिक्षाकर्मियों का जाति के आधार पर नियुक्त किया गया है उन्हें नियुक्ति आदेश जारी होने के दो माह के भीतर छानबीन समिति से जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन कराकर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा अन्यथा जाति के आधार पर प्रदत्त आरक्षण के लाभ से वंचित करते हुए नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिया जावेगा जिसकी समपूर्ण जवाबदारी उम्मीदवार कि होगी इसकी जानकारी शिक्षा विभाग खडगवा से सूचना के अधिकार से जाति प्रमाणपत्र प्राप्त है उसके बाद भी खडगवा मे शिक्षाकर्मीओ के जाति प्रमाणपत्र आज तक छानबीन समिति से सत्यापन नहीं होने के बाद भी संविलियन कर दिया गया है जो कि आज तक जाति प्रमाणपत्रो का सत्यापन नहीं हुआ है संरपच के द्रारा जारी एवं असथाई और एक वर्ष की वैधता के जाति प्रमाणपत्रो के बाद भी संविलियन कर प्रशासन के नियम निर्देशो आदेश का खुला उल्लंघन कर और नियम विरुद्ध संविलियन कर दिया गया है।
शिक्षाकर्मियों का संविलियन स्कूल शिक्षा विभाग में हो चुका है। जिसकी शिकायत भी हुई और शिकायत कर्ता ने ऐसे शिक्षक कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए सेवा समाप्त करने का निवेदन किया था।
जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया है कि जो व्याख्याता एलबी, शिक्षक एलबी और सहायक शिक्षक एलबी 1 सप्ताह के भीतर यदि अपना स्थाई जाति प्रमाण पत्र जमा नहीं करते हैं, तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
मगर आज लगभग एक माह हो गए किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई ऐसा लगा कि पूर्व कि तरह ही शिक्षाकर्मी के जाति प्रमाणपत्रो कि जाच ठंडे बसते मे चली गई है या जाच करने की जरूरत ही नहीं समझी जा रही हैं कयोंकि इस जाच मे सथिति तो सपष्ट हैं कि संविलियन नियम के विरुद्ध किया गया है तो ये ठीकरा किस के सिर पर फोडे?

