नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी पीएचई विभाग द्वारा बनाई गई थी। योजना का उद्देश्य था कि ग्रामीणों को घर-घर तक पानी मिल जाए, लेकिन ग्रामीण आज भी पानी के लिए भटक रहे हैं लाख रुपए खर्च कर
ग्राम पंचायत बहराशि आठ साल पहले बनी पानी की टंकी अब भी खाली
रिपोर्टर — कमरुन निशा
छत्तीसगढ़ जिला कोरिया ग्राम पंचायत बहराशि आठ साल पहले नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी पीएचई विभाग द्वारा बनाई गई थी। योजना का उद्देश्य था कि ग्रामीणों को घर-घर तक पानी मिल जाए, लेकिन ग्रामीण आज भी पानी के लिए भटक रहे हैं लाख रुपए खर्च कर जिस पानी की टंकी को आठ साल पहले बनाया गया था, उसमें आज तक पानी न ही भरा गया और न ही टिंकी में पानी चढ़हाया गया है।
व्हिओ — यह मामला है कोरिया जिले की भरतपुर जनकपुर के ग्राम पंचायत बहरासी का जहा आठ साल पहले पीएचई विभाग के द्वारा लाख रुपए की लागत से नल-जल योजना के अंतर्गत पानी की टंकी बनाई गई थी। घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पूरे गांव में पानी की पाइप भी बिछाये गए लेकिन आठ वर्षों में उस टंकी से एक भी दिन भी पानी ग्रामीणों के घर नहीं पहुंचा है। उस नल-जल योजना को लेकर ग्रामीणों ने कई बार सी एम हेल्प लाइन पर भी शिकायत की परंतु कोई भी इन की समस्या को नहीं सुन रहा है

साल बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी है ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के द्वारा बनाई गई पानी की टंकी आठ साल से शो पीस बनी हुई है। अभी तक एक बार भी उस टंकी में पानी नहीं भरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पी.एच.ई .विभाग द्वारा टंकी का घटिया निर्माण किया है, जिसके कारण जिम्मेदार शायद डर रहे हैं कि गुणवता विहीन बनाई गई टंकी कहीं पानी भरते ही ढह नहीं जाए। इसी के चलते बोर में पानी होने के बावजूद टंकी में पानी नहीं भरा जा रहा है।आपूर्ति को ले


लाखों की नल-जल योजना होने के बावजूद भी गांव के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। एक हजार से अधिक की आबादी वाले गांव बहरासी के लोग आज जलसंकट से जूझ रहे हैं। पानी के लिए ग्रामीणों को दर-दर पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। टंकी आठ वर्ष पुरानी होने के कारण लावारिस टंकी क्षतिग्रस्त भी होने लगी है।
1 बाईट – चरण सिंह उप सरपंच काले सफेद लाइन की शर्ट पहने हुए
2 बाईट- विजेंद्र सेन ग्रामीण गले पर तौलिया लपेटे हुए
3 बाईट – ग्रामीण दिनेश कुमार आसमानी रंग की शर्ट पहने हुए

