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2005 सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी का भी जवाब बैकुंठपुर के प्राचार्य अखिलेश गुप्ता जी के द्वारा देना उचित नहीं समझते इससे प्रतीत होता है कि शासन की धज्जियां उड़ाने वाले यही लोग हैं

kamrun nisha


प्रभारी प्राचार्य अखिलेश गुप्ता जी शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव कॉलेज जब सन 2019 से 2020 तक कोई खेलकूद नहीं हुआ तो खेलकूद की सामग्री कैसे लिया गया भ्रष्टाचार का अंबार लगा हुआ है यहां तक की 2005 सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी का भी जवाब बैकुंठपुर के प्राचार्य अखिलेश गुप्ता जी देना उचित नहीं समझते,,,,,,

जिला कोरिया बैकुंठपुर शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव कॉलेज इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है एक प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चार महाविद्यालय चल रहा है जो विगत 25 वर्षों से यह बैकुंठपुर का दुर्भाग्य है यह शासन की विडंबना कि आज तक फुल प्लेस प्राचार्य महाविद्यालय बैकुंठपुर को प्राप्त नहीं हो सका जिसका छात्रों के द्वारा कई बार आंदोलन किया गया किंतु वाह रे शासन के कान में जूई तक नहीं चलता प्राचार्य की मनमानी अपने चरम सीमा पर है भ्रष्टाचार का अंबार लगा हुआ है

यहां तक की 2005 सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी का भी जवाब बैकुंठपुर के प्राचार्य अखिलेश गुप्ता जी के द्वारा देना उचित नहीं समझते इससे प्रतीत होता है कि शासन की धज्जियां उड़ाने वाले यही लोग हैं यहां तक की सन 2019 से2020 कितनी राशि शासन के द्वारा महाविद्यालय को प्राप्त हुई तथा कितना खर्च किया गया जिसका आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई किंतु आज दिनांक तक उन्होंने जानकारी प्रदान नहीं की है सन 2019 से 2020 तक किसी भी प्रकार का खेल कूद का कार्यक्रम नहीं किया गया किंतु खरीदी बिक्री में जबरदस्त तरीके से फर्जी बिल भी लगाए हैं इसी प्रकार रूसा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत महाविद्यालय के प्राचार्य के द्वारा सामान खरीदी बिक्री की गई किंतु जो इसका प्रभारी है उसे इसकी जानकारी तक नहीं है और ना ही उसके हस्ताक्षर हैं इसी प्रकार लाइब्रेरी की पुस्तकें अपने मन के मुताबिक हमेशा मंगाई जाती है और जो उसका इंचार्ज है उससे भी किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की जाती चार महाविद्यालय हैं खडगवां पटना सोनहत एवं बैकुंठपुर जबकि कोरिया जिले का अग्रणी महाविद्यालय बैकुंठपुर की स्थिति जस की तस बनी हुई है विगत 30 वर्षों से महाविद्यालय प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहा है। जबकि उससे सीनियर प्रोफेसर यहां पदस्थ है किंतु आज दिनांक तक उन्हें किसी भी प्रकार का चार्ज नहीं दिया गया इनकी मनमानी की जानकारी समय-समय पर शासन को अवगत कराते रहें किंतु शासन विमुख दर्शक बनकर बैठी हुई है इनके भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

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