सड़को पर मवेशियों का डेरा, पशु पालकों को अपने पशुओ का ध्यान नहीं, बरसात गिरने के बाद भी, हो रहे हैं दुर्घटना, ना जागा प्रशासन।

Kamrun nisha
– जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के सड़कों पर शाम होते ही इन दिनों मवेशियों के डेरा है आये दिन इनके घायल और गंभीर होने के साथ इनसे टकरा कर बाइक सवारों के घायल होने के मामले सामने आ रहे है, कई पशुओ की मौत भी रोज हो रही है।
कार और दुसरे छोटे चार पहिया वाहन इनसे टकरा कर मृत्यु हो रही है ।

सड़क पर बैठे पशुओं के कानों में टैग लगा हुआ जिससे उसके पालक की जानकारी तुरंत पता की जा सकती है, तो प्रशासन को चाहिए कि ऐसे पशु पालक जो अपने पशु सड़क पर छोड़कर निश्चिन्त होकर भूल जाते है उनके पशु के कानों में लगे टैग के माध्यम से पहचान की जाए और ऐसे पशुपालकों के विरुद्ध जुर्माना के साथ उनके पशुओं को नीलाम किया जाए। क्योंकि उनमें पशु को पालने की हैसियत नही है, और अपने पशुओं को सड़क पर दुर्घटना होने के लिए छोड़ देते है।
महलपरा, चेर, सलका, सुरमी, बैकुंठपुर
डबरिपारा, बावस पारा, छिंद दांड, खरवत अन्य कई सड़को पर मवेशियों का डेरा जमा रहता है। जब तक गाय माता दूध देती है तब तक पशु पालक सेवा करते अगर गाय माता दूध देना बंद कर दी तो वही पशुपालक अपने पशुओं को छोड़ देतेे लावारिस केे जैसे क्या यह सही है। जिस तरीके से इंसान अपने माताा पिता बेटा बेटी अपनेेे परिवार का भरण पोषण करतेे हैं उसी तरीका पशुपालक पशुओं की खिदमत सेवा करें जि़ससे पशुओं की दुर्घटना से मृत्यु ना हो।

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