कांग्रेश जिला अध्यक्ष नजीर अजहर जी के लिए निजी कब्जे की भूमि व भूमि को कटाव से बचाने सड़क ,पुल निर्माण व रिटर्निंग वाल के नाम पर 45 लाखों की स्वीकृति !
kamrun nisha
बैकुंठपुर – कोरिया जिला किसी न किसी मामले को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहता हैं फिर भी गलतियों को सुधार करने कोई विशेष पहल नही की गई जहा अब मामला मनरेगा व डीएमएफ मद से करीब 60 लाख की लागत से शासकीय राशि स्वीकृत कर एक राजनेता की कब्जे की जमीन बचाने मोहल्ले का रास्ता बदल दिया गया वही नेता की जमीन को नाले के कटाव से बचाने मनरेगा से करीब 15 लाख की लागत से रिटर्निंग वाल व करीब 45 लाख जिला खनिज की राशि से स्वीकृति कर रास्ता डायवर्ट कर सीसी सड़क व पुलिया बन रही है।जब कि रास्ता डायवर्ट करने से पुल पर अनावश्यक राशि खर्च होने की चर्चाएं है वही रास्ता डायवर्ट नही होने से शासकीय राशि भी बच जाता किन्तु जनप्रतिनिधियों के आगे सारे नियम ही स्थिल कर दिए गए जिससे अनावश्यक राशि खर्च होने को लेकर सवाल उठना लाजमी हैं !
मिली जानकारी अनुसार जनपद पंचायत बैकुंठपुर हसदेव पुल के आगे एनएच किनारे एक राजनेता की बेसकीमत भूमि है। जो रामपुर पंचायत में आती है। ठीक उसके बगल में ग्राम पंचायत जनकपुर द्वारा लगभग 15 लाख खर्च कर मनरेगा राशि से रिटर्निंग वाल बनाया जा रहा है दूसरे पंचायत में । वहीं करीब 45 लाख की लागत से पुलिया व सीसी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली है। जिसमें पुलिया का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। ग्राम पंचायत जनकपुर में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। वही रिटर्निंग वाल मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण की जगह रामपुर ग्राम पंचायत में आता है। जनपद पंचायत के तत्कालीन सीइओ के प्रयास से राजनेता की जमीन को बचाने बजट स्वीकृत कराया गया है। वहीं दबाव डालकर जनकपुर पंचायत को निर्माण एजेंसी बना दिया गया है। निर्माण कराने की जगह जनकपुर व रामपुर का सरहद है। वही अब सड़क डायवर्ट कर अलग से राशि खर्च कर पुल निर्माण व सड़क निर्माण को लेकर सवाल उठना लाजमी हैं !
मनरेगा से रिटर्निंगवाल व डीएमएफ से सीसी सड़क, पुलिया की अलग-अलग स्वीकृति मिली है। डीएमएफ मद से करीब 45 लाख राशि स्वीकृत है।सड़क डायवर्ट को लेकर उच्च अधिकारी ही स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं ।
आरके चौधरी, सब इंजीनियर आरईएस बैकुंठपुर



