डीएफओ वन मंडल बैकुंठपुर के दिशा निर्देश पर निर्माण कार्य वन परीक्षेत्र अधिकारी अखिलेश मिश्रा जी के द्वारा उत्कृष्ट एवं सुसज्जित योजनाबद्ध द्वारा कार्य कराए गए

kamrhn nisha

कोरिया वन मंडल बैकुंठपुर के अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत आनंदपुर जल स्तर बढ़ाने के लिए कई तालाबों का निर्माण उत्कृष्ट एवं सुसज्जित…
कोरिया वन मंडल के अंतर्गत आने वाला वन परीक्षेत्र बैकुंठपुर के आनंदपुर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ शासन वन विभाग महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत कई तालाबों का डीएफओ वन मंडल बैकुंठपुर के दिशा निर्देश पर निर्माण कार्य वन परीक्षेत्र अधिकारी अखिलेश मिश्रा जी के द्वारा उत्कृष्ट एवं सुसज्जित योजनाबद्ध द्वारा कार्य कराए गए हैं, आनंदपुर वन परीक्षेत्र के अंतर्गत कई तालाबों का निर्माण कराया गया तालाबों का में निर्माण का मेन उद्देश्य जल स्तर को बढ़ाने का है क्योंकि आनंदपुर के भूमि के अंतर्गत एसईसीएल कोयला खदान संचालित है जिससे जल स्तर काफी नीचे चला गया है यहां के रहवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है मनुष्य पशुओं एवं जंगली जानवरों की पीने का पानी तक इस क्षेत्र में उपलब्ध नहीं हो पाता यही कारण है शासन का विशेष रुप से आनंदपुर में कई तालाबों का निर्माण उत्कृष्ट कार्यों के साथ कराया जा रहा है
0—-आनंदपुर वन परीक्षेत्र में जो तालाब को जलाशय का रूप भी दिया गया है खबरों में कई बार प्रसारण किया गया क्या पिचिंग नहीं है पत्थर नहीं लगाए गए हैं लेकिन r9 भारत कि संभाग हेड अजीम अंसारी आनंदपुर पहुंचकर देखा कि तालाब में पत्थर भी लगाए गए हैं टीचिंग भी बहुत सुनियोजित तरीके से किया गया है पानी का भराव भी काफी है जो साफ वीडियो विजुअल में देखा जा सकता है।
0—-फुलवारी नाला में बोल्डर चेक डैम नरवा विकास योजना भूपेश बघेल मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर आदेशानुसार बोल्डर चेक डैम का मेन उद्देश्य होता है जो नाले सूख गए हैं उन्हें पानी से जीवित करना एवं मिट्टी के कटाव को रोकना जिससे जल स्तर बढ़ता है आसपास के पेड़ पौधों को जल भूमिगत आसानी से मिल जाता है आनंदपुर वन परिक्षेत्र में कंट्रोल ट्रांच का निर्माण किया गया है इसके लिए ऐ प्रेम तैयार किया जाता है जो प्रत्येक गड्ढा लगभग 5 से 6 फीट लंबी 2 फीट लगभग गहरी आड़े तिरछे खोले जाते हैं जो जंगल की ढलान स्थान पर बनाए जाते हैं ताकि पानी के बहाव एवं मिट्टी के कटाव को रोका जा सके पानी बहकर गड्ढे में भर जाने से जल स्तर की वृद्धि होती है,
0——फुलवारी नाला में कॉरपोरेशन बैंक बनाया गया है जहां दो तालाब बनाए गए हैं एक तालाब ऊपर है और एक उसी स्थान पर नीचे ढलान की ओर बनाया गया है जो एक दूसरे तालाब का पानी सीपेज होकर दूसरे तालाब में जमा होता है इससे भी जलस्तर में वृद्धि होती है यह ताला फुलवारी नाला में नया योजना के तहत निर्माण करवाया गया है
0——फुलवारी नाला में केपीएन का भी निर्माण किया गया है जो काफी सुसज्जित तरीके से पत्थरों को जमाया गया है उन पत्थरों को फेंसिंग तार से बांधा गया है एवं तार को जमीन में 3 से 4 फीट गहरे गड्ढे में दबाया जाता है ताकि पानी का तेज बहाव से पत्थर ना बहे केपीएन का मेन उद्देश्य मिट्टी खरपतवार जो बनकर आता है उसे छानकर आगे की ओर शुद्ध जल कनिका से होता है श्री अखिलेश मिश्रा रेंजर द्वारा बताया गया की जल स्तर बढ़ाने का शासन की महत्वपूर्ण योजना है जल स्तर का मापदंड कैसे किया जाता है यह भी उन्होंने बताया कि जिस जगह जल स्तर की वृद्धि के लिए तालाब का निर्माण किया जाता है वहां की मिट्टी परीक्षण के लिए वन विभाग के द्वारा भेजा जाता है एक बार गीली मिट्टी की परीक्षा होता है दूसरी बार सूखी मिट्टी का परीक्षा होता है एक ही स्थान का इसके बाद जल स्तर की मापदंड का पता चल जाता है की यथावत स्थान पर जल स्तर में कितनी वृद्धि हुई है या नहीं हुई है, वन परीक्षेत्र अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि कुछ लोगों का कहना है कि जैसे तैसे यह कार्य निर्माण कराया गया मैं बता दूं किसी भी डैम का निर्माण कार्य कराया जाता है गुणवत्तापूर्ण कराई जाती है सुनियोजित तरीके से पत्थरों की क्वालिटी को देखकर पीचिंग कराई जाती है एवं लगभग 4 से 5 वर्ष तक सारे कार्यों की रिपेयरिंग एवं देखरेख विभागीय कर्मचारी के द्वारा किया जाता है ऐसा नहीं है कि एक बार किसी कार्य का निर्माण कराया जाने के बाद उसकी देखरेख नहीं किया जाता है विभाग के आला अधिकारी भी कई बार जांच के लिए कार्यों का निरीक्षण के लिए यथावत स्थान आनंदपुर फूलपुर नाला में आते रहते हैं कई विधायक प्रतिनिधियों का भी यह आना जाना लगा रहता है,आर9 भारत की टीम क्षेत्रों का भ्रमण कर कार्यों को कवरेज करने का कोशिश किया यहां के सारे कार्य गुणवत्ता पूर्ण एवं उत्कृष्ट कार्यों से सौंदर्य से भरपूर पाया आनंदपुर ग्रामीणों ने बताया कि यहां कई तालाबों के निर्माण से हमारे गांव के लोगों को पानियों की परेशानी से निजात मिला पशुओं एवं जंगली जानवरों को भी पानी उपलब्ध हो गया है

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