कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत, आने वाली पीढियों के लिए मिसाल बन गई। ताजिया इमामबाड़ा से कर्बला की ओर प्रस्थान
ूkamrun nisha




कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत, आने वाली पीढियों के लिए मिसाल बन गई। ताजिया इमामबाड़ा से कर्बला की ओर प्रस्थान
जिला कोरिया बैकुंठपुर डबरीपारा इमामबाड़ा में फातीया दरूद करवाया गया ताजिया को उठाई गई हसन हुसैन के नारे के साथ इमामबाड़ा डबरीपारा सभी लोगों ने फातीया दरूद करवाए हुसैनी अखाड़ा के संचालक मुख्तार अहमद नंहू भैया
पूर्व पार्षद अल्ताफ खान उर्दू छोटे भैया के द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई,,,
हसन और हुसैन यह वो नवास-रसूल हैं के अगर सहाबा-ए-इकराम को नबी कि याद आजाती थी तो हसन और हुसैन का दिदार कर लिया करते थे,,,,
कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत, आने वाली पीढियों के लिए मिसाल बन गई। उनकी शहादत हमारी देश के युवा पीढ़ी को जुल्म और नाइंसाफी के खिलाफ आवाज बुलन्द करने तथा सच्चाई की राह पर चलने की प्रेरणा देती है।
ताजिया बैकुंठपुर डबरीपारा इमामबाड़ा से उठाकर कर्बला की ओर जोरो जोरो से या हुसैन या हुसैन का नारा लगाते हुए सभी हुसैनी अखाड़ा के सदस्यों के द्वारा एवं बैकुंठपुर मस्जिद के सदर के द्वारा कर्बला की ओर प्रस्थान कर रहे हैं,,
मोहर्रम का यह महीना इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम देता है। इस पाक मौके पर हमें त्याग और बलिदान की भावना के साथ समाज को मजबूती देने तथा देश और प्रदेश के लिए किसी भी तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार रहने का संकल्प लेना चाहिए। मुस्लिम समुदाय के सभी लोग उपस्थित हुए मोहर्रम के दसवीं तारीख को
मोहर्रम को याद करो वाे कुर्बानी जो सिखा गया सही अर्थ इस्लामी



