सुनील सिंह प्रमुख रमदईया सेवा समिति सुरेंद्र प्रताप सिंह सह, संरक्षक अनिरुद्ध नारायण सिंह एडवोकेट रवि सिंह उपाध्यक्ष समस्त कोरिया बचाव मंच क्रमिक धरना प्रदर्शन बैठे हैं 28वां दिन इतिहास गवाह है एक-एक दिन का इंसाफ की लड़ाई में
Kamrun nisha
आपको बता दें कि यह सभी प्रदेश के मुखिया से गुस्से में है प्रदेश की मुखिया राजनीतिक लाभ लेने के लिए गलत तरीके से कोरिया जिला का विभाजन की है जो नहीं होना चाहिए था श्री सुनील सिंह प्रमुख रमदईया सेवा समिति सुरेंद्र प्रताप सिंह सा संरक्षक अनिरुद्ध नारायण सिंह एडवोकेट रवि सिंह उपाध्यक्ष मंगलेश्वर सचिव राजेंद्र कुशवाहा सह सचिव श्रीमती गुलाम अली सोहनलाल अजय सोनी नकुल पाल कोरिया बचाव मंच क्रमिक धरना प्रदर्शन… का…28. वां दिन इतिहास गवाह है एक-एक दिन का इंसाफ की लड़ाई में संपूर्ण कोरिया हमारा है प्रदेश के मुखिया को हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं थी

बैकुंठपुर – खबर कोरिया जिले से है जहां मनेंद्रगढ़ जिला बनने से कोरिया जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में विरोध दिखाई दे रहा है वहीं जिले वासियों के द्वारा कोरिया बचाओ मंच क्रमिक धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसमें। सुनील सिंह प्रमुख रमदईया सेवा समिति सुरेंद्र प्रताप सिंह सा संरक्षक अनिरुद्ध नारायण सिंह एडवोकेट रवि सिंह उपाध्यक्ष मंगलेश्वर सचिव राजेंद्र कुशवाहा सह सचिव श्रीमती गुलाम अली सोहनलाल अजय सोनी नकुल पाल कोरिया बचाव मंच क्रमिक धरना प्रदर्शन का…28. वां दिन सभी ने सुनील सिंह प्रमुख रमदईया सेवा समिति ने अपना विरोध दर्ज कराया है। धरना प्रदर्शन में बैठकर,,
श्री सुनील सिंह प्रमुख रमदईया सेवा समिति ने कहा हमारे जिले का बंटवारा दुर्भाग्यपूर्ण हुआ है कोरिया जिला 5 ब्लॉक का छोटा जिला था जहां लोग आर्थिक एवं सामाजिक रूप से जुड़े हुए थे। इसके पश्चात उन्होंने कहा कि जो बंटवारा हुआ है उसके बाद हमारी 1 सूत्री मांग है की हमें खणगावां,बैकुंठपुर एवं सोनहत तीनों ब्लॉक समेत कोरिया वन मंडल जो बना हुआ है उसकी मांग करते हैं साथ ही बैकुंठपुर को संभाग मुख्यालय एवं मेडिकल कॉलेज की मांग करते हुए कहा कि अगर प्रशासन हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो यह धरना प्रदर्शन उग्र अनशन का रूप लेगा यह हमारे हक की लड़ाई है।
सुरेंद्र प्रताप सिंह सह संरक्षक अनिरुद्ध नारायण सिंह एडवोकेट एवं सदस्यों ने कहा कोरिया जिले का विभाजन गलत तरीके से हुआ है विभाजन के लिए जिन क्षेत्रों का चयन किया गया उन क्षेत्रों के ना ही जनप्रतिनिधि और ना ही ग्रामीणों की सहमति ली गई इस विभाजन से पूरे जिले को नुकसान हो रहा है एवं विभाजन के बाद कोरिया जिला बहुत छोटा हो गया है साथ ही उन्होंने कहा राजनीतिक लाभ लेने के लिए जिले का बंटवारा किया गया है।


