इस समय लाख डाउन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए लोगों को अस्थाई तौर पर बचाव राहत शिविर में शासन प्रशासन द्वारा बनाए गए क्वॉरेंटाइन भवन में रुकवाया गया है।
राशिद जमाल सिद्दीकी की रिपोर्ट


तत्पश्चात ग्राम सलहेवारा से वनांचल दुर्गम पहाड़ी नदी नालों को पार करते अत्यधिक कठिन रास्तों से गुजरते हुए छत्तीसगढ़ के आखिरी ग्राम सनजारी पहुंचे। ग्राम संजारी में, लगभग एक माह से रुके हुए 35 logo से चर्चा की उन्होंने बताया कि वह बिलासपुर जिले के रतनपुर के रहने वाले हैं और वे झाड़ू आदि बनाने का कार्य करते हैं इसी सिलसिले में यहां आए हुए थे लेकिन लाख डाउन हो जाने से ना तो झाड़ू का व्यापार कर पाए नहीं वह वापस जा पाए। अस्थाई राहत शिविर में व्यवस्था से ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की तथा सरपंच sahit pure prashasan ki भूरी भूरी प्रशंसा की। शिविर के लोगों ने बताया कि वे अपने बीच कलेक्टर एवं एसडीएम तहसीलदार सहित पूरी टीम को अपने बीच पाकर अत्यधिक प्रसन्न है वे सपने में भी नहीं सोचे थे की एक दिन कलेक्टर से हम मिल पाएंगे लेकिन आज कलेक्टर सहित पूरी टीम को देख कर हम अभिभूत हैं। उन्होंने कलेक्टर से अपनी पीड़ा व्यक्त की जिसका फौरी तौर पर निराकरण कर पालन करने के निर्देश स्थानीय टीम को दी है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने ग्राम पंचायत के सरपंच के कार्यों से खुश होकर उन्हें आने वाले समय में उनके सर्वोत्तम कार्य हेतु सम्मानित करने की बात कही। सरपंच एवं ग्रामीणों ने बताया कि उनके ग्राम में पहली बार कोई कलेक्टर पहुंचे हैं।
कलेक्टर अपनी टीम के साथ बक्र कट्टा होते हुए निर्माणाधीन घाटी का भी निरीक्षण किया। आज निरीक्षण के समय पूरे समय कलेक्टर के साथ एसडीएम डॉ दीप्ति वर्मा तहसीलदार प्रीतम साहू प्रफुल्ल गुप्ता एवं ममता टावरी जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुदर्शन बगड़ती सीएमओ खुमान कश्यप, राजस्व निरीक्षक सहित संबंधित थाने के थाना प्रभारी उपस्थित थे।
