विकासखंड बलरामपुर में पढ़ाई तुंहर द्वार को सफल बनाने के हो रहे सफल प्रयास

विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर और सहायक विकासखंड अधिकारी के विशेष प्रयासों से 15202 बच्चे हो रहे लाभान्वित
1314 विद्यार्थी के पास मोबाइल व्यवस्था नहीं
कोविड-19 संक्रमण की वजह से राज्य में लंबे समय से विद्यालय बंद हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के बच्चों की पढ़ाई को निरंतर रखने के लिए एक जबरदस्त प्रयास किया है जिसके तहत बच्चों की पढ़ाई के लिए पढ़ाई तुंहर द्वार पोर्टल शुरू किया गया है जिसके माध्यम से बच्चों की पढ़ाई घर में रह कर ही करवाये जाने का प्रयास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ शासन ने पढ़ाई तुंहर द्वार ऑनलाइन कक्षा, विषय वार पहली से बारहवीं तक अध्यापन की व्यवस्था बनाई है। जिसके सफल संचालन एवं दूरस्थ अंचल के छात्र छात्राओं को लाभान्वित करने का प्रयास बलरामपुर के सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरव गुप्ता के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी बी एक्का एवं पढ़ाई तुंहर द्वार के जिला नोडल /सहायक संचालक बंधेश सिंह के दिशा निर्देशन में सभी संकुल के ग्रामों में सघन दौरा टीम बनाकर टीम में रविंद्र गुप्ता जन शिक्षक सरनाड़ीह, अखिलेश सिंह यादव जन शिक्षक जमुआटांड़, ब्लासियुष लकड़ा जन शिक्षक लुर्गी कला ,के साथ ग्राम चंपापुर पंडो पारा का भ्रमण कर बच्चों के ऑनलाइन पढ़ाई

हेतु बच्चों एवं अभिभावकों को प्रेरित किया गया।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण एवं घर में ही पढ़ाई की ऑनलाइन पद्धति के माध्यम से बच्चों को होमवर्क भी दिया जाना है तथा उसकी जांच हेतु शिक्षकों को 24 घंटे का समय दिया जाता है, 24 घंटे के अंदर शिक्षक होमवर्क जांच कर साइट पर अपलोड कर देते हैं। विकासखंड में पहली से 12वीं तक 18427 विद्यार्थी हैं जिसमें 15202 विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई की साइट पर पंजीकृत हैं एवं 1911 विद्यार्थी संयुक्त रूप से पंजीकृत हैं शेष 1314 विद्यार्थी के पास मोबाइल नहीं है इसकी जानकारी उच्च कार्यालय को दी गई है उच्चकार्यालय द्वारा जल्द ही मोबाइल छात्रों के लिए नई योजना हेतु आस्वस्त किया गया है।
विकासखंड बलरामपुर में 911 शिक्षक हैं, और शिक्षक ऑनलाइन अध्यापन कार्य में अपनी अहम भूमिका निभाते हुए वर्चुअल क्लास ले रहे हैं। आज की स्थिति में 55 वर्चुअल क्लास 19 संकुल अंतर्गत संचालित है जिसका लगातार निरीक्षण कर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।
