सारे नियमों काेअपने हाथों में रखकर कर पिछले 20 वर्ष से एक ही स्थान पर पदस्थ एसडीओ अखिलेश मिश्रा शासन प्रशासन तक है पहुंच इसीलिए प्रशासन है मौन

जिला कोरिया बैकुंठपुर वन मंडल के एसडीओ अखिलेश मिश्रा इन दिनों सुर्खियों में सारे नियमों को ताक पर रख कर पिछले 20 वर्ष से एक ही स्थान पर पदस्थ है वन मंडल बैकुंठपुर कोरिया जिले के एसडीओ अखिलेश मिश्रा
जबकि हर साल प्रमोशन जरूर मिलता है. अब इस बात काे लेकर लोगों में चर्चाएं भी होती है और कहा जाता है कि, वन विभाग में एक ही बात प्रसिद्ध है साहब की विभाग में खूब चलती है. उनसे पूछे बिना पूरा वन विभाग भी नहीं चलता. वन विभाग बैकुंठपुर के वर्तमान में रेंजर से डीएफओ पद पर पदस्थ हुए अखिलेश मिश्रा जिले में पिछले 20 वर्ष से जमे हुए हैं. फारेस्टर से 10 साल तक रेंजर और अब एसडीओ से नेशनल पार्क के अस्सिटेंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है. सूत्र बताते हैं कि मिश्रा जी की पहुंच बहुत दूर तक है इसीलिए कोरियाा जिले रिटायरमेंट तक बनेे रहेंग
वहीं, एसडीओ भले ही कोरिया वन मंडल के हैं. लेकिन इनका प्रभाव रायपुर तक है. यह खुद वन विभाग के बड़े अधिकारी भी कहे जाते हैं और कई बड़े अधिकारी भी साहब से ही जुड़कर रहना पसंद करते हैं. इसके साथ ही उनके ही अनुभवों से लाभ कमाने की कोशिश करते हैं उच्च अधिकारी. कोरिया जिले के रेजराे का कहना है कि हम तो मच्छर हैं मगरमच्छ तो साहब है नाम हमारा काम उनका वन विभाग के एसडीओ साहब अखिलेश मिश्रा का कहना है की जो सूचना के तहत जानकारी मांगते हैं उनको पाप लगेगा कीड़े पड़ेंगे एसडीओ साहब पूरे जंगलों को झांझर कर दिए उनको पाप नहीं लगेगा कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया में जानकारी आई की वन मंडल बैकुंठपुर में कैंपा मंद
से राशि भी निकाल ली गई काम भी नहीं हुआ खाली कागजातों में काम हुआ एसडीओ साहब के स्थान पर दूर दराज से पूरे छत्तीसगढ़ के पत्रकार एवं एमपी के पत्रकार भी पहुंचते हैं जितना मंदिर में पूजा करने के लिए भगवान का नहीं जाते उतना तो एसडीओ साहब के घर में जाते हैं पत्रकार बंधु क्या बात है पत्रकारों की सुबेरे 6:00 बजे से लाइन लगी रहती है एसडीओ साहब के घर पर कुबेर के नाम से पहचाने जाते हैं एसडीओ साहब अखिलेश मिश्रा। उच्च अधिकारी भी मौन शासन प्रशासन भी मौन साहब की पहुंच जो दूर तक है।

