कोरियाछत्तीसगढ़

किताबों से बाहर निकला विज्ञान, कुड़ेली के बच्चों ने मॉडल से समझाए वैज्ञानिक सिद्धांत साइंस लर्निंग सेंटर और डिजिटल क्लास का हुआ भव्य शुभारंभ, कलेक्टर ने कहा-विज्ञान रटने नहीं, करके सीखने का विषय

kamrun nisha.

किताबों से बाहर निकला विज्ञान, कुड़ेली के बच्चों ने मॉडल से समझाए वैज्ञानिक सिद्धांत

साइंस लर्निंग सेंटर और डिजिटल क्लास का हुआ भव्य शुभारंभ, कलेक्टर ने कहा-विज्ञान रटने नहीं, करके सीखने का विषय

कोरिया, / जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय माध्यमिक शाला कुड़ेली में साइंस लर्निंग सेंटर एवं डिजिटल क्लास का भव्य शुभारंभ गुरुवार को किया गया। जिला प्रशासन कोरिया एवं ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी कोरिया के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई इस पहल से विद्यार्थियों को विज्ञान को किताबों से बाहर निकलकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री हरीश राठौर एवं अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र प्रसाद वैद्य उपस्थित रहे। अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेंद्र गुप्ता ने की।

बच्चों ने प्रयोगों से दिखाई वैज्ञानिक समझ
उद्घाटन अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित मॉडल और प्रयोग प्रस्तुत किए। बच्चों ने अतिथियों को अपने मॉडल के पीछे छिपे विज्ञान को सरल भाषा में समझाया। चाँदनी ने वायुदाब, प्राची ने सूर्यग्रहण एवं चंद्रग्रहण, आकाश ठाकुर ने न्यूटन के तृतीय नियम, लक्ष्मी ने ड्रिप सिंचाई, सुरेंद्र ने उत्प्लावन बल, स्वाति ने त्रिकोण, प्रियंका ने घातांक के नियम और नागेंद्र ने जनरेटर से संबंधित मॉडल प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने ऑक्सीजन के दहन में सहायक होने का प्रयोग भी किया।

इन प्रस्तुतियों ने साबित किया कि विद्यार्थी विज्ञान को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रख रहे, बल्कि उसे प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से व्यवहार में उतारकर सीख रहे हैं। विज्ञान एवं गणित शिक्षक श्री अनिल दास तथा शिक्षिका श्रीमती मृदुला जायसवाल ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया।

डिजिटल क्लास से तकनीक से जुड़ेगी पढ़ाई
साइंस लर्निंग सेंटर के साथ विद्यालय में डिजिटल क्लास की भी शुरुआत की गई। इसके माध्यम से विद्यार्थी डिजिटल संसाधनों और आधुनिक तकनीक की मदद से कठिन विषयों को अधिक रोचक और सरल तरीके से समझ सकेंगे। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कलेक्टर ने कहा-सवाल पूछिए, प्रयोग कीजिए और सीखिए
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल रटने का विषय नहीं है, बल्कि अवलोकन करने, सवाल पूछने और स्वयं करके सीखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर प्रयोग करने और जिज्ञासा को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने साइंस लर्निंग सेंटर को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

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