ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन संबंधी निर्णयों की समीक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस का विशाल विरोध मार्च मोदी, अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
kamrun nisha
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन संबंधी निर्णयों की समीक्षा की मांग को लेकर कांग्रेस का विशाल विरोध मार्च

बैकुंठपुर (कोरिया)। लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कोरिया के जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता नेतृत्व में विशाल विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। इसके बाद कांग्रेसजन विरोध मार्च निकालते हुए कलेक्टर परिसर पहुंचे, जहां महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया, मतदाताओं के नाम काटे जाने एवं जोड़े जाने तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के कारण पात्र मतदाताओं के मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके कार्यकाल में लिए गए निर्वाचन संबंधी निर्णयों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।
ज्ञापन में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच, पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर सामने आई कथित आपत्तियों का भी उल्लेख किया और कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पूर्वजिला अध्यक्ष नज़ीर अज़हर पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला, संयुक्त महामंत्री वेदांती तिवारी कोषाध्यक्ष अशोक जायसवाल महामंत्री बृजवासी तिवारी ब्लॉक अध्यक्ष बिहारी लाल राजवाड़े आशीष यादव लल्ला सुरेश सिंह, अजीत लकड़ा, अजय सिंह, शैलेन्द्र सिंह मंडल, पंचायत, बूथ एवं भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।।

