कोरोना वायरस की दहशत से त्रस्त चिकन विक्रेता ₹60 किलो पर पहुंचा मुर्गा कम दाम होने के बावजूद बिक्री में कमी

कमरुन निशा
चर्चा कॉलरी जिला कोरिया………… चीन में फैले कोरोनावायरस का असर स्थानीय मुर्गा बाजार पर व्यापक रूप से पड़ गया है रविवार के दिन चरचा कालरी के बाजार में बॉयलर मुर्गे का रेट ₹60 किलो पर उतर गया इसके बावजूद अपेक्षित बिक्री ना होने से स्थानीय मुर्गा व्यवसाई प्रदीप डे ने लाउडस्पीकर लगाकर ₹60 किलो चिकन की जानकारी आम नागरिकों को दी यह प्रक्रिया दिन भर चलती रही प्रदीप डे के द्वारा लाउडस्पीकर से एलाउंस किये जाने के बाद एक अन्य मुर्गा ब्यवसायि ने दो रुपये प्रति किलो और कम कर दिया चिकन के दामों में आई भारी कमी से खाने वालों में और भी दहशत बढ़ गई है वह यह सोचते हैं कि शायद बीमारी ज्यादा फैली है इसकी वजह से इसका रेट कम कर दिए गए हैं चिकन खाने के बाद यदि कुछ हो गया तो जान बचेगी या नहीं या जितने का मुर्गा नहीं उससे ज्यादा का मसाला वाली कहावत चरितार्थ न हो जाए अर्थात यदि कोई बीमारी होती है तो उससे ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ जाएंगे जबकि मुर्गा व्यवसाई का कहना था कि अभी मार्केट में उठाव नहीं है इस वजह से रेट कम कर रहे हैं जिससे उठाव बढ़ सके मुर्गे के दामों में कमी आई है परंतु कई लोग जानबूझकर रेट कम नहीं करना चाहते हैं मुर्गे की तरह अंडे के रेट में भी काफी कमी आई है बावजूद इसके अंडे खाने से भी लोग काफी हद तक परहेज कर रहे हैं जबकि इसके विपरीत मछली की बिक्री में काफी इजाफा हो गया है चिकन खाने वालों के लिए इससे ज्यादा अच्छे दिन है की बात नहीं सोची जा सकती क्योंकि एक तरफ मुर्गे का रेट काफी कम हो गया है वहीं चिकन बनाने में सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाला प्याज भी 80 से उतर कर ₹30 किलो में पहुंच गया है
