गोधन न्याय योजना ने दिखाई आत्मनिर्भरता की राह और संगठन का महत्व समझाया

kamrun nisha


लक्ष्मी स्वसहायता समूह को वर्मी खाद विक्रय से अब तक 1 लाख 29 हजार की आय
कोरिया 22 जुलाई 2021/ सुदृढ़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था से विकास की उन्नत राह तैयार करने की जो मंशा छत्तीसगढ़ शासन की है, वह गोधन न्याय योजना से और भी सशक्त हो रही है। कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत के गौठान ग्राम कुशहा में लक्ष्मी स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा वर्मी खाद का निर्माण किया जा रहा है। जिसके विक्रय से अब तक समूह को कुल 1 लाख 29 हजार 890 रुपय की आय हुई है। समूह की महिलाओं का कहना है कि इस योजना से ना ही केवल उन्हें आर्थिक रुप से मदद मिली बल्कि संगठन का महत्व भी समझ आया। साथ ही एकजुट होकर कार्यों को आपस मे बांटकर निश्चित समयावधि में पूरा करने की प्रेरणा भी मिली।
लक्ष्मी स्वसहायता समूह में 10 महिलाएं हैं, कलावती, सोनमती, निर्मला, प्रभावती, मीनीबाई, सुमरिया, प्रियंका, परमेश्वरी, अनीता और शिवलोचनी। समूह की दीदीयों का मानना है कि इस योजना ने उनके आत्मनिर्भरता के ओर बढ़ने वाले कदमों को मजबूती दी है। जिला मिशन प्रबंधक श्री रामेन्द्र गुर्जर ने बताया कि शासकीय सहायता के रूप में बिहान से राशि आर.एफ. 15 हजार रूपये और सी.आई.एफ. 60 हजार रूपये समूह को प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि वर्मी खाद विक्रय से होने वाली आय से समूह की दीदी सोनमती ने आजीविका के साधन का विस्तार करते हुए बकरी पालन का काम शुरू किया है। दीदी अनिता ने अपने घर के निर्माण में अपने पैसे लगाये तो कलावती ने ट्यूबवेल लगवाने में परिवार की मदद की। इसी तरह समूह की अन्य महिलाएं भी कृषि कार्यों तथा अन्य जरूरतों को इस राशि से पूरा कर रही हैं।
इस महत्वाकांक्षी योजना से गाँवो में पशुपालकों, किसानों एवं महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। योजना के अन्तर्गत पशुपालकों एवं किसानों से गोबर की खरीदी कर इसका उपयोग वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए किया जा रहा है। योजना के माध्यम से महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को आजीविका का साधन मिला है और आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.