गौठानों में चारागाह विकास से मवेशियों के पौष्टिक चारे की व्यवस्था

kamrun nisha


हरे चारे के रूप में नेपियर घास का उत्पादन व विक्रय गौठान समिति के लिए बना फायदे का सौदा
कोरिया से अन्य जिलों को भी की जा चुकी है नेपियर की आपूर्ति
कोरिया 23 अगस्त 2021/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना के अंतर्गत गौठानों में चारागाह विकास कार्य मवेशियों के लिए पौष्टिक चारे का जरिया, स्व सहायता समूहों के लिए आजीविका सहित ग्राम गौठान समितियों के लिए उनकी मेहनत के नगद लाभ का माध्यम बना है। चारागाहों में उत्पादित नेपियर ग्रास को अधिकाधिक मात्रा में उत्पादन कर राज्य के विभिन्न जिलों को भेजकर गौठान समितियां आय अर्जित कर चुकी हैं, वहीं पशुओं को भी संतुलित आहार मिलने लगा है। इसके साथ ही गौठानों में स्वसहायता समूहों द्वारा बाड़ी निर्माण का कार्य कर ग्रामीणों के लिए गांव में ही सब्जी-भाजी की उपलब्धता का काम कर अतिरिक्त आमदनी का रास्ता भी तैयार किया जा रहा है।
कलेक्टर श्याम धावड़े के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यापालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में कोरिया जिले में कुल 226 चारागाह स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से 150 चारागाह पूर्ण हो चुके हैं और 76 चारागाह विकास के कार्य प्रगतिरत हैं। जिले में कुल 1 हजार 38 एकड़ की भूमि पर चारागाह विकास का कार्य किया जा रहा है। कोरिया जिले के प्रथम चरण में बनाए गए गौठानों मे शामिल ग्राम गौठान सोरगा में समिति द्वारा नेपियर स्लिप के उत्पादन पश्चात विक्रय से आय अर्जित की जा चुकी है। ग्राम गौठान समिति के अध्यक्ष श्री बिहारी ने बताया कि बीते जुलाई माह में 10 हजार नेपियर स्लिप्स का विक्रय किया गया है। उन्होंने बताया कि कोरिया जिला अंतर्गत नेपियर स्लिप्स का विक्रय 1 रूपये प्रति स्लिप तथा अन्य जिलों के लिए 1.50 रूपये प्रति स्लिप की दर से बेचा जाता है।
इसी तरह ग्राम रजौली में चारागाह विकास का कार्य प्रगतिरत है। यहां 5 एकड़ भूमि को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें 1 एकड़ में नेपियर घास लगाई गई है। ढाई एकड़ में मक्का तथा गौठान से जुड़े चांद स्व सहायता समूह के द्वारा डेढ़ एकड़ में आजीविका के रूप में बाड़ी विकास का काम किया जायेगा। समूह की महिलाएं बताती हैं कि वे यहां टमाटर, मूली और मौसमी सब्जियों सहित भाजी आदि लगाना चाहती हैं, जो आने वाले समय में उनकी आय का जरिया बनेगा।
उल्लेखनीय है कि चारागाहों से ग्राम गौठान समिति ने राज्य के कई जिलों को नेपियर घास का बीज बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया है। कोरिया जिले में प्रथम चरण के तहत बने गौठानों में आदर्श के रूप में चारागाह तथा फलोद्यान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के देखरेख में तैयार किए गए हैं। जिले भर में स्वीकृत और प्रगतिरत ग्राम गौठानों में फलदार पौधों की नर्सरी और अंतर्वर्तीय फसल के रूप में पशुओं के हरे चारे की व्यवस्था के लिए सभी गौठानों में फलोद्यान सह चारागाह बनाया जा रहा है। जहां उन्नत किस्म के फलदार पौधों के साथ अंतर्वर्तीय फसल के स्थान पर नेपियर घास के साथ बहुवर्षीय ज्वार आदि पोषक चारा उगाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.